विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित डिग्री कॉलेज चौराहा के शहीद चौक पर जनजागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं, को तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
स्वस्थ समाज के निर्माण पर दिया गया जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ एम्स रायबरेली (AIIMS Raebareli) की कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू और निकोटीन का बढ़ता इस्तेमाल केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तंबाकू जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं। उनका कहना था कि जागरूकता, आत्मनियंत्रण और मजबूत इच्छाशक्ति के माध्यम से ही तंबाकू की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

नारों के जरिए दिया गया जनजागरूकता का संदेश
वॉकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न जागरूकता संदेशों और नारों के माध्यम से लोगों को तंबाकू के नुकसान बताए। शहर की सड़कों पर निकली इस रैली ने राहगीरों और युवाओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने तंबाकू मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए लोगों से इस आदत को छोड़ने की अपील की। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
कैंसर और हृदय रोग का बड़ा कारण है तंबाकू
सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. भोला नाथ ने कहा कि तंबाकू का सेवन कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। उन्होंने बताया कि इससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियानों में उन लोगों की अधिक भागीदारी जरूरी है जो तंबाकू का सेवन करते हैं, ताकि वे इसके खतरों को समझकर इसे छोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
तंबाकू छोड़ने वालों के लिए उपलब्ध है निःशुल्क सहायता
एम्स रायबरेली (AIIMS Raebareli) में तंबाकू छोड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विशेष सुविधा भी उपलब्ध है। संस्थान के ओल्ड ओपीडी भवन के कक्ष संख्या-26 में संचालित तंबाकू निषेध क्लिनिक में लोगों को निःशुल्क परामर्श और आवश्यक सहायता दी जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
डॉक्टरों और छात्रों की रही सक्रिय भागीदारी
इस जनजागरूकता कार्यक्रम में एम्स के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. नीरज पवार ने किया। वहीं डॉ. मुकेश शुक्ला, डॉ. मानस, डॉ. शशांक और इंटर्न अक्षत पांडेय समेत कई चिकित्सा कर्मियों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।










