Churhat Police Controversy : मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी की विदाई के छोटे-से कार्यक्रम में डीजे बजने पर थाना प्रभारी (टीआई) इतने भड़क गए कि खुशी का माहौल अचानक तनाव और विवाद में बदल गया। वीडियो वायरल होने के बाद अब DIG ने कार्रवाई की है, लेकिन लोग पूछ रहे हैं – क्या एक बुजुर्ग की विदाई में इतनी सख्ती जरूरी थी? और पुलिस की यह “सिंघम स्टाइल” असामाजिक तत्वों के खिलाफ क्यों नहीं दिखती?
रिटायरमेंट की खुशी: छोटा सा सम्मान समारोह

घटना की शुरुआत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के रिटायर्ड कर्मचारी गणपत पटेल (या कुछ रिपोर्ट्स में आर.एन. पटेल) की विदाई से हुई। वे लंबे समय तक विभाग में सेवा दे चुके थे। 31 जनवरी 2025 को गांव में उनके परिजनों, सहकर्मियों और स्थानीय लोगों ने एक साधारण सम्मान समारोह रखा।
समारोह में लोग इकट्ठा हुए, बुजुर्ग को सम्मान दिया और खुशी मनाने के लिए डीजे की व्यवस्था की। माहौल उत्सव जैसा था – लोग नाच-गा रहे थे, जुलूस निकाल रहे थे। यह एक आम ग्रामीण परंपरा है, जहां रिटायरमेंट जैसी खुशी को सब मिलकर मनाते हैं।
टीआई की नींद टूटी, गुस्सा फूट पड़ा
समारोह पास ही पुलिस आवास कॉलोनी में था। डीजे की तेज आवाज टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा के सरकारी आवास तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक, टीआई भड़क उठे। वे मौके पर पहुंचे और डीजे बंद कराने के सख्त आदेश दिए।
वीडियो में देखा जा सकता है कि टीआई ने दो युवकों (रिटायर्ड कर्मचारी के बेटों प्रकाश और आर्यन पटेल) को बाल पकड़कर घसीटा, गंदी-गंदी गालियां दीं और पुलिस जीप में धक्का देकर बैठाया। बुजुर्ग पिता हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे, माहौल शांत करने की कोशिश करते रहे, लेकिन टीआई नहीं माने। तीन लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की सख्ती पर उठे सवाल
स्थानीय लोग हैरान हैं – क्या एक रिटायरमेंट पार्टी में डीजे बजाना इतना बड़ा अपराध है? लोग कहते हैं कि अगर पुलिस इतनी तेजी से कार्रवाई करती, तो चुरहट और आसपास के इलाकों में असामाजिक तत्वों, शराब की दुकानों के आसपास जमावड़े, महिलाओं को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ भी दिखाई देती।
कई लोग टीआई मिश्रा की कार्यशैली पर पहले से सवाल उठाते रहे हैं। चुरहट के अलावा रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी उनकी हरकतों की चर्चा होती है। पुराने बस स्टैंड, कबाड़ी मोहल्ला जैसे इलाकों में अवैध गतिविधियां, शराब पीने वालों का जमावड़ा, महिलाओं को असहज करने वाली हरकतें – इन पर कार्रवाई कम दिखती है। कुछ ऑडियो क्लिप भी वायरल हुईं, जिनमें कथित पुलिस लेन-देन की बातें थीं, लेकिन कोई ठोस एक्शन नहीं हुआ।
DIG ने लिया बड़ा एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई। रीवा रेंज के DIG ने मामले को गंभीरता से लिया। टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा को एक साल की वेतन वृद्धि रोक दी गई। जांच के आदेश दिए गए और SDOP चुरहट को रिपोर्ट सौंपी गई। टीआई को एक्टिव ड्यूटी से हटा दिया गया।
SP सीधी रविंद्र वर्मा ने कहा कि वीडियो में पुलिस अधिकारी का व्यवहार अनुचित लगता है, इसलिए कार्रवाई हुई। लेकिन लोग पूछ रहे हैं – क्या सिर्फ वेतन रोकना काफी है? क्या पूरी जांच होगी और अगर गलती साबित हुई तो और सख्त कदम उठेंगे?
पुलिस की कार्यशैली पर बहस
यह घटना सिर्फ एक DJ विवाद नहीं, बल्कि पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल है। ग्रामीण इलाकों में छोटी-छोटी खुशियां मनाने पर सख्ती, लेकिन बड़े अपराधों पर नरमी – यह धारणा लोगों में मजबूत हो रही है।










