Indore: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल MY हॉस्पिटल (MY Hospital) एक बार फिर व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर में मरीज को भर्ती कराने पहुंचे एक पत्रकार ने सुरक्षा गार्डों और अन्य कर्मचारियों पर धक्का देने, गाली-गलौज करने और कई लोगों द्वारा घेरकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की CCTV फुटेज जांचने की मांग की है, ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ससुर को भर्ती कराने पहुंचे थे पत्रकार

पीड़ित पत्रकार नासिफ खान के मुताबिक, 25 सितंबर की दोपहर करीब 3:30 बजे वह अपने ससुर अब्दुल जब्बार को उपचार के लिए MY अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण परिवार के लोग कुछ समय तक बाहर इंतजार करते रहे। शाम करीब 6 बजे नासिफ अपनी पत्नी और दो सालियों के साथ अस्पताल की पहली मंजिल पर पहुंचे।
डॉक्टर के राउंड का हवाला देकर लौटाया
नासिफ का कहना है कि पहली मंजिल पर मौजूद स्टाफ ने डॉक्टर के राउंड पर होने की बात कहते हुए उन्हें कुछ देर बाद आने के लिए कहा। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ नीचे आ गए, जबकि उनकी एक साली ऊपर ही रह गई। उसे बुलाने के लिए जब नासिफ दोबारा पहली मंजिल पर पहुंचे तो वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों से उनकी कहासुनी हो गई।
धक्का देने और धमकी देने का लगाया आरोप
पीड़ित के अनुसार, वहां मौजूद दो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें धक्का दिया और कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा कि ज्यादा ज्ञान न दें, वरना हाथ-पैर तोड़कर अस्पताल में ही भर्ती कर देंगे। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने बदतमीजी न करने को कहा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इसके बाद मौके पर मौजूद करीब सात से आठ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी और साली के साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल की गई ।
अस्पताल चौकी पर भी सुनवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, MY अस्पताल परिसर की पुलिस चौकी पर तैनात एक प्रधान आरक्षक से उन्होंने घटना की शिकायत की, लेकिन वहां भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली। नासिफ का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उलटे उनसे ही सवाल करते हुए कहा कि उनसे क्यों कह रहे हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि चौकी पर जिम्मेदार पुलिसकर्मी होने के कारण वह उन्हीं से शिकायत कर रहे हैं।
112 वाहन के चालक पर भी लगाया अभद्रता का आरोप
नासिफ ने 112 पर सूचना देने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस वाहन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, MP04 YQ 7809 नंबर का 112 वाहन अस्पताल पहुंचा था। पीड़ित का आरोप है कि वाहन चालक ने उनके साथ गाली-गलौज की और कथित तौर पर जूता लेकर मारने के लिए दौड़ा। नासिफ के अनुसार, उन्होंने खुद को पत्रकार और फरियादी बताते हुए चालक से संयम बरतने को कहा, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ।
CCTV जांच से सामने आ सकती है सच्चाई
पूरे मामले में पीड़ित पत्रकार ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस से CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के समय अस्पताल की पहली मंजिल और संबंधित परिसर में लगे कैमरों की फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किस-किस व्यक्ति की इसमें भूमिका रही।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक तस्वीर
फिलहाल सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन, सुरक्षा एजेंसी और पुलिस का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है। CCTV फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।










