Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के ग्राम तिल्लौरखुर्द में जल संकट से राहत दिलाने के लिए प्राचीन तालाब को नर्मदा पाइपलाइन के माध्यम से भरने की योजना पर काम किया जाएगा। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस संबंध में संभावनाओं का सर्वेक्षण कराने और आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस पहल से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और ग्रामीणों की पेयजल समस्या दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विधायक मधु वर्मा ने मंत्री को सौंपा पत्र

राऊ विधानसभा क्षेत्र के विधायक मधु वर्मा ने मंत्री तुलसीराम सिलावट के इंदौर स्थित निवास पर पहुंचकर तिल्लौरखुर्द के प्राचीन तालाब को नर्मदा जल से भरने की मांग उठाई। उन्होंने इस संबंध में मंत्री को पत्र सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। संबंधित तालाब जल संसाधन विभाग के अंतर्गत लगभग 24 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।
आठ हजार की आबादी को जल संकट से राहत की उम्मीद
विधायक मधु वर्मा के अनुसार, ग्राम पंचायत तिल्लौरखुर्द की आबादी करीब आठ हजार है। बरसात के मौसम में तालाब पानी से भर जाता है, लेकिन दो से तीन महीने के भीतर ही उसका पानी समाप्त हो जाता है। इससे स्थानीय किसानों को खेतों की सिंचाई करने में परेशानी होती है, वहीं ग्रामीणों को भी पानी की उपलब्धता को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसान तालाब के पानी से सिंचाई करते हैं और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करते हैं।
आसपास के गांवों में नर्मदा जल से बनी रहती है उपलब्धता
विधायक ने बताया कि तिल्लौरखुर्द के आसपास स्थित लगभग एक दर्जन गांवों में नर्मदा पाइपलाइन के जरिए सालभर पानी उपलब्ध होने से वहां के तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पर्याप्त जल बना रहता है। इसके विपरीत, तिल्लौरखुर्द में ऐसी व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मी और कम बारिश के दौरान जल संकट की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में तालाब को नर्मदा जल से जोड़ना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
काचरोट से पाइपलाइन जोड़ने की संभावनाओं पर होगा सर्वे
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि समीपस्थ ग्राम काचरोट में उपलब्ध नर्मदा पाइपलाइन के माध्यम से तिल्लौरखुर्द के तालाब को भरने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सर्वेक्षण कराने और योजना की स्वीकृति व क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। योजना की व्यवहार्यता और स्वीकृति के बाद ही इसके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी किया जाएगा आग्रह
मंत्री सिलावट ने कहा कि इस वर्ष कम बारिश के कारण इंदौर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करना जरूरी है। इस विषय को लेकर विधायक मधु वर्मा, एमआईसी सदस्य और प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी आग्रह करेंगे। उद्देश्य अल्प वर्षा से उत्पन्न जल संकट का समाधान तलाशना और किसानों, ग्रामीणों तथा पशु-पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देना है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और किसानों की मौजूदगी
इस अवसर पर विधायक मधु वर्मा, एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा, रवि रावलिया, धर्मेंद्र वर्मा और घनश्याम पाटीदार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। अब प्रस्तावित सर्वेक्षण और योजना की स्वीकृति की प्रक्रिया पर क्षेत्र के लोगों की नजर रहेगी। यदि तालाब को नर्मदा पाइपलाइन से भरने की योजना साकार होती है, तो इससे जल संरक्षण के साथ कृषि और ग्रामीण जीवन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।










