महराजगंज में डीजल-पेट्रोल को लेकर हाहाकार, आधार कार्ड देखकर दिया जा रहा तेल

डिब्बों में तेल बिक्री पर रोक से किसानों में भारी आक्रोश, कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ स्टॉक

महराजगंज जिले में डीजल और पेट्रोल को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर तेल की किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि पेट्रोल पंपों पर अब आधार कार्ड देखने और नाम-पता नोट करने के बाद ही लोगों को डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं डिब्बों और गैलनों में तेल देने पर रोक लगाए जाने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

गुरुवार सुबह जिले के निचलौल क्षेत्र के खोंहौली और घुघुली इलाके में किसानों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच नोंकझोंक की स्थिति बन गई। किसानों का आरोप है कि खेती-किसानी के कार्यों के लिए डीजल की तत्काल जरूरत है, लेकिन पंपों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में तेल नहीं दिया जा रहा है। विरोध में कई किसान अपनी कृषि मशीनें और पंपिंग सेट लेकर सीधे पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर अनाउंसमेंट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से गैलन और डिब्बों में सीमित मात्रा में तेल देने का निर्णय लिया गया है। अब एक व्यक्ति को अधिकतम पांच लीटर डीजल ही गैलन में दिया जा रहा है।

जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ किसानों और वाहन चालकों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को बिना तेल लिए लौटना पड़ रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे डीजल और पेट्रोल का अवैध भंडारण न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आपूर्ति सामान्य कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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