वाराणसी की गंगा नदी में एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। रविदास घाट के पास “गंगोत्री क्रूज” के ऊपर एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) ने आतंकवादियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल किया। इस दौरान एनडीआरएफ स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौजूद रहीं। पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में रहा और गंगा पर चल रहे क्रूज को एनएसजी कमांडो ने घेर लिया।
हेलिकॉप्टर से हुई एंट्री

रिहर्सल के दौरान एक हेलिकॉप्टर गंगा के ऊपर से होकर आया और क्रूज के ठीक ऊपर पहुंचा। एनएसजी के कमांडो ने हवा से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर आतंकियों की खोजबीन का अभ्यास किया। उसी दौरान घाट पर पहले से तैनात कमांडो ने सुरक्षा घेरा बना लिया। यह दृश्य बिल्कुल किसी फिल्मी सीन की तरह लग रहा था, लेकिन यह पूरी तरह से एक सुरक्षा अभ्यास था।
एनडीआरएफ और पुलिस की भूमिका
एनडीआरएफ की टीम ने क्रूज के चारों ओर बोट से घेरा बना रखा था, ताकि कोई अनचाही गतिविधि न हो। स्थानीय पुलिस ने घाटों की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। घाटों पर मौजूद आम नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
1 घंटे तक चला अभ्यास
करीब एक घंटे तक चला यह मॉक ड्रिल रविवार की सुबह से दोपहर तक चला। इसमें आतंकवादी हमले जैसी स्थिति को दिखाते हुए एनएसजी कमांडो ने यात्रियों की सुरक्षा, बंधक मुक्ति और आतंकियों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
प्रशासन की तैयारी परखने की कवायद
सूत्रों के अनुसार, यह रिहर्सल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सुरक्षा तैयारियों को परखने के उद्देश्य से किया गया। आने वाले आयोजनों और पर्यटन सीज़न को देखते हुए यह जांच की गई कि आपात स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेज़ी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।









