पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक? बेंगलुरु में कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, जांच में जुटीं एजेंसियां

कार्यक्रम से पहले मचा हड़कंप, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

प्रधानमंत्री Narendra Modi के बेंगलुरु दौरे से पहले एक बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आई है। शहर के बाहरी इलाके में उस कार्यक्रम स्थल के पास विस्फोटक सामग्री मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर दो जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेने बेंगलुरु पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस को संदिग्ध वस्तु की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और बम निरोधक दस्ता तुरंत जांच में जुट गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि बरामद सामग्री जिलेटिन स्टिक थी, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पत्थर तोड़ने और खनन कार्यों में किया जाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के पास इसका मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया।

पूरे इलाके को किया गया सील

विस्फोटक मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाके को घेर लिया। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटाज टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिलेटिन स्टिक वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी साजिश का हाथ है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध लोगों की पहचान हो सके।

क्या पीएम मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश थी?

हालांकि अभी तक किसी आतंकी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के पास होती है और उनके कार्यक्रमों के दौरान कई स्तर की सुरक्षा जांच की जाती है।

ऐसे में कार्यक्रम स्थल के नजदीक विस्फोटक सामग्री मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं किसी ने जानबूझकर माहौल खराब करने या डर फैलाने की कोशिश तो नहीं की।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

बेंगलुरु में इससे पहले भी कई बार जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल शहर के एक बस स्टैंड के पास भी जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बरामद किए गए थे। उस मामले में पुलिस ने बाद में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था और जांच में सामने आया था कि विस्फोटक सामग्री अवैध तरीके से ले जाई जा रही थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिलेटिन स्टिक का इस्तेमाल अक्सर खदानों और निर्माण कार्यों में किया जाता है, लेकिन बिना अनुमति इन्हें रखना या ले जाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी

इस घटना के बाद बेंगलुरु पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े सभी रास्तों और स्थानों की दोबारा जांच की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आम लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को जागरूक भी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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