Raebareli: भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला प्रभारी नीरज सिंह अपने प्रथम प्रवास पर गुरुवार को रायबरेली पहुंचे। उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रायबरेली पहुंचने के बाद नीरज सिंह ने सबसे पहले चुरुवा स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
इसके बाद भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष, सलोन विधायक तथा सरेनी के पूर्व विधायक समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा जिला प्रतिनिधि राज नारायण मौर्य ने पुष्प गुच्छ भेंटकर नीरज सिंह का स्वागत किया। वहीं भाजपा नेता मनीष सिंह ने भी पुष्प गुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।

नवनियुक्त जिला प्रभारी के प्रथम प्रवास को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी सक्रियता दिखाई दी। स्वागत कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और संगठन को मजबूत करने को लेकर उत्साह नजर आया।
एमएलसी चुनाव को लेकर होगी अहम बैठक
नीरज सिंह के प्रवास के दौरान भाजपा कार्यालय में संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों पर चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति, बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता और तैयारियों को लेकर मंथन किया गया।
दौरे के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक प्रस्तावित रही। महाबैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और चुनाव को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
अदिति सिंह से कांग्रेस में जाने की अटकलों पर सवाल
इसी दौरान भाजपा कार्यालय में एमएलसी चुनाव को लेकर चल रही बैठक के बीच पत्रकारों ने सदर विधायक अदिति सिंह से कांग्रेस में जाने की चल रही अटकलों को लेकर सवाल किया। इस पर अदिति सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा— “घर की मुर्गी दाल बराबर, मैं महाराज जी से मिलकर आई हूं।”
अदिति सिंह इस दौरान भाजपा जिला प्रभारी नीरज सिंह के साथ बैठक में मौजूद रहीं। हालांकि कांग्रेस में जाने की अटकलों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। उनके इस संक्षिप्त जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जरूर तेज हो गया।
नीरज सिंह के प्रथम प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय मौजूदगी से साफ रहा कि संगठन आगामी चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों को गति देने में जुटा है। अब जिला प्रभारी के नेतृत्व में होने वाली बैठकों में संगठन की रणनीति और जमीनी तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, इस पर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।










