Raebareli: रविवार को अमेठी जाते समय उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का रायबरेली में सारस पर स्वागत किया गया। स्वागत की तस्वीरें सामने आने के बाद अब जिले की सियासत में एक अलग ही चर्चा छिड़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर भाजपा के इतने बड़े नेता के स्वागत में पार्टी के कितने कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे?
तस्वीरों में भाजपा के जिला महामंत्री, डिडौली प्रधान पति और कुछ मौर्य समाज के लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। ऐसे में शहर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या रायबरेली में भाजपा संगठन और उसके हजारों कार्यकर्ताओं के बीच उपमुख्यमंत्री के स्वागत के लिए यही संख्या पर्याप्त थी?

खास बात यह है कि इसी दिन डिघिया चौराहे पर भाजपा जिला प्रतिनिधि राज नारायण मौर्य के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में इससे कहीं अधिक भीड़ दिखाई दी। बताया जा रहा है कि यहां करीब 200 लोग एकत्रित हुए। ऐसे में दोनों स्वागत कार्यक्रमों की तस्वीरों को लेकर अब तुलना शुरू हो गई है।
रायबरेली में इस समय भाजपा के कई बड़े जनप्रतिनिधि और दिग्गज नेता मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के स्वागत में अपेक्षाकृत कम संख्या में लोगों का पहुंचना संगठन की सक्रियता और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को कौन किस नजरिए से देखता है, यह अलग विषय है। इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा सकते हैं और नेताओं के पास अपने-अपने जवाब भी हो सकते हैं। लेकिन एक बात जरूर है—तस्वीरें अक्सर बहुत कुछ कह जाती हैं।
अब सवाल यह है कि उपमुख्यमंत्री के स्वागत में कार्यकर्ताओं की कम मौजूदगी महज संयोग थी या फिर संगठन के भीतर कहीं न कहीं दूरी और समन्वय की कमी का संकेत? इसका जवाब भाजपा के स्थानीय नेताओं और संगठन को ही देना होगा। फिलहाल, सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में रविवार के दोनों स्वागत कार्यक्रमों की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।










