रामगढ़ में शुक्रवार को JSSC और JPSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। पार्टी की ओर से जिला समाहरणालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
छात्रों के समर्थन में BJP का प्रदर्शन

BJP का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए। पार्टी ने मांग की कि JSSC और JPSC से जुड़े विवादों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ पड़ताल हो सके। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमों को भी वापस लेने की मांग रखी गई।
जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ता
प्रदर्शन का नेतृत्व BJP रामगढ़ जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला ने किया। उनके नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में समाहरणालय परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी मामलों में युवाओं के बीच लगातार असंतोष बढ़ रहा है और सरकार को उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना चाहिए।
पूर्व CM मधु कोड़ा भी पहुंचे रामगढ़
प्रदर्शन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी शामिल हुए। उन्होंने रामगढ़ उपायुक्त को पार्टी की ओर से ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा विवाद की जांच और छात्रों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग रखी। ज्ञापन के माध्यम से BJP ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की कि युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम उठाया जाए।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का लगाया आरोप
DC कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मधु कोड़ा ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर युवाओं में भरोसा कमजोर हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है।
CBI जांच नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मधु कोड़ा ने कहा कि BJP की मांग केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के हित से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि JSSC और JPSC से जुड़े मामलों की निष्पक्ष CBI जांच नहीं कराई गई और आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी।
सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो BJP सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने भी दोहराया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों के मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।
BJP की प्रमुख मांगें
- JSSC और JPSC से जुड़े कथित परीक्षा विवादों की CBI जांच।
- आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा और निर्दोष छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- युवाओं की शिकायतों पर सरकार की ओर से स्पष्ट कार्रवाई।










