Ramgarh: रामगढ़ नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर आरटीआई (RTI) एवं सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने नगर परिषद में सफाई कर्मी के पद पर नियुक्त मो. मुमताज अंसारी को कथित तौर पर कई अहम प्रशासनिक और व्यवस्थापकीय कार्य सौंपे जाने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय से जांच की मांग की है। रवि कुमार का दावा है कि आरटीआई के जरिए प्राप्त दस्तावेजों में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
इंडोर स्टेडियम से जलापूर्ति तक की जिम्मेदारी का दावा

रवि कुमार के मुताबिक, उपलब्ध अभिलेखों में मो. मुमताज अंसारी की नियुक्ति सफाई कर्मी के पद पर होने की बात सामने आती है। इसके बावजूद उन्हें नगर परिषद से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दिए जाने का आरोप है। इनमें इंडोर स्टेडियम, पुस्तकालय, आश्रय गृह, वेंडर मार्केट और भंडार से जुड़े काम शामिल बताए गए हैं।
चाबी और बुकिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल
आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया कि संबंधित कर्मचारी को नगर परिषद की संपत्तियों और भवनों की देखरेख, चाबी रखने, बुकिंग व्यवस्था तथा वाहनों से जुड़े कार्यों में भी जिम्मेदारी दी गई। इसी को लेकर उन्होंने सवाल उठाया है कि किसी कर्मचारी को उसके मूल पद से अलग इस तरह की जिम्मेदारी देने के लिए क्या कोई विधिवत आदेश जारी किया गया था।
नगर परिषद में दूसरे पदों पर भी कर्मचारी मौजूद
रवि कुमार ने नगर परिषद में पहले से कार्यरत विभिन्न पदाधिकारियों और कर्मचारियों का हवाला देते हुए जिम्मेदारी निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल किया है। उनका कहना है कि नगर परिषद में सिटी मैनेजर, विधि सहायक, सीएमएम, सुपरवाइजर, जमादार, सीएलटीसी, जेई और एई जैसे पदों पर कर्मी एवं अधिकारी मौजूद हैं। ऐसे में सफाई कर्मी को प्रशासनिक और व्यवस्थापकीय कार्य सौंपने के पीछे नियम और प्रशासनिक आधार स्पष्ट होना चाहिए।
किस आदेश के तहत मिली जिम्मेदारी?
आरटीआई कार्यकर्ता का मुख्य सवाल यही है कि मुमताज अंसारी को कथित रूप से ये जिम्मेदारियां किस आधार पर दी गईं। उन्होंने कार्यालय आदेश, पदस्थापन आदेश, कार्य-विभाजन पत्र अथवा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसा कोई वैध आदेश है तो उसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
रवि कुमार ने कहा कि नगर निकाय में कामकाज नियमों और निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप होना चाहिए। यदि दस्तावेजों में सफाई कर्मी को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य सौंपे जाने की पुष्टि होती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
रवि कुमार ने मांग की है कि मो. मुमताज अंसारी को उनके मूल पद के अनुरूप कार्य सौंपा जाए और पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है तो जन आंदोलन किया जाएगा। इसकी जवाबदेही नगर प्रशासक और जिला प्रशासन की होगी।
अब दस्तावेजों की जांच पर टिकी निगाहें
मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि आरटीआई से प्राप्त बताए जा रहे अभिलेखों में वास्तव में क्या दर्ज है और संबंधित जिम्मेदारियां किस आधिकारिक आदेश के तहत दी गई थीं। यदि जांच में नियम विरुद्ध तरीके से जिम्मेदारी दिए जाने की पुष्टि होती है तो नगर परिषद की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।










