झारखंड के रामगढ़ (Ramgarh) जिले के मांडू थाना क्षेत्र के बलसगरा गांव में बुधवार को जमीन विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। महज 11 डिसमिल जमीन को लेकर हुए विवाद में गिरिडीह में पदस्थापित सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
हूल दिवस की छुट्टी पर घर आए थे अधिकारी
जानकारी के अनुसार, बालेश्वर पटेल गिरिडीह जिले में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे। हूल दिवस (Hul Diwas) के अवसर पर सरकारी अवकाश होने के कारण वे अपने पैतृक गांव बलसगरा आए हुए थे। बताया जा रहा है कि वे अपनी विवादित जमीन पर कुछ कार्य देखने पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के लोगों से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

लाठी-डंडों से हमला, फिर पत्थरों से किया वार
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने बालेश्वर पटेल को चारों ओर से घेर लिया। उन पर पहले लाठी-डंडों से हमला किया गया। आरोप है कि जब वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े तो हमलावरों ने बड़े पत्थरों से उनके सिर और चेहरे पर लगातार वार किए। इस हमले में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल बालेश्वर पटेल को इलाज के लिए होप हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की तलाश
सूचना मिलने के बाद मांडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मामले में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े एक सरकारी अधिकारी की इस तरह हत्या की घटना ने कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जमीन विवाद का समाधान हो जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।










