Raebareli: हरचंदपुर थाना क्षेत्र के सिरसा गांव में जमीन के बैनामे को लेकर एक वृद्ध विधवा ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। गांव निवासी कलावती पत्नी स्वर्गीय श्रीपाल का कहना है कि जमीन बेचने के लिए जितना हिस्सा तय हुआ था, उससे अधिक भूमि का बैनामा करा लिया गया। पीड़िता ने मामले में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
20×68 फीट जमीन बेचने की हुई थी बात

कलावती के अनुसार सिरसा गांव में भूमि संख्या 150 में कुल 1.31 हेक्टेयर संक्रमणीय भूमि है। अपने हिस्से की जमीन में से उन्होंने 20×68 फीट भूमि बेचने का सौदा रीता सिंह पत्नी महेश प्रताप सिंह निवासी सोहलिया और शारदा सिंह पत्नी राघवेंद्र सिंह निवासी दूल्हा राय गाड़ी के साथ किया था। पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के मुताबिक सीमित हिस्से का ही बैनामा होना था।
अशिक्षा का फायदा उठाने का लगाया आरोप
वृद्ध महिला का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। वहां दस्तावेजों में जमीन का विवरण पढ़कर सुनाया गया, जिस पर उन्होंने भरोसा किया। बाद में कागजात की जानकारी लेने पर उन्हें कथित तौर पर पता चला कि तय हिस्से से अधिक जमीन बैनामे में दर्ज हो गई है।
अब विवादित जमीन पर निर्माण से बढ़ा तनाव
पीड़िता के मुताबिक मामला सामने आने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष अब विवादित भूमि पर निर्माण कार्य करा रहा है। कलावती ने इसका विरोध किया तो कथित रूप से विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई और मारपीट पर आमादा होने की बात कही गई। वृद्ध महिला ने प्रशासन से निर्माण रुकवाने की मांग की है, ताकि मामला और न बढ़े।
थाने में शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने का आरोप
कलावती का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में हरचंदपुर थाने में भी शिकायत की थी। हालांकि, उनका आरोप है कि वहां उनकी समस्या पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और विवादित जमीन की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की।
डीएम ने राजस्व विभाग को सौंपी जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। अब राजस्व अभिलेखों, बैनामे में दर्ज भूमि के विवरण और मौके पर जमीन की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बैनामे में तय जमीन से अधिक भूमि दर्ज हुई है या नहीं।
जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा जोर
- बैनामे में दर्ज भूमि का वास्तविक विवरण।
- शिकायतकर्ता के हिस्से की जमीन का राजस्व रिकॉर्ड।
- तय 20×68 फीट भूमि और बैनामे में दर्ज क्षेत्रफल का मिलान।
- मौके पर विवादित भूमि की स्थिति।
- निर्माण कार्य किस भूमि पर कराया जा रहा है, इसकी जांच।
- जांच रिपोर्ट से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल मामला आरोप और जांच के बीच है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वृद्ध विधवा ने प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर किसी प्रकार का कब्जा या निर्माण न होने दिया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।










