Raebareli: रायबरेली कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने अंतरजनपदीय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की दो कारें—एक क्रेटा और एक आई-20—बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुरादाबाद निवासी फैजल उर्फ बॉबी, रायबरेली के बछरावां निवासी अंकुर उर्फ गौरव प्रताप सिंह और राजस्थान के जोधपुर निवासी प्रेमाराम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, क्रेटा कार चोरी होने के मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज होने के बाद टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और धरातलीय साक्ष्यों के जरिए जांच शुरू की। तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और शुक्रवार को बंधा रोड, चौकी क्षेत्र किला बाजार के पास दोनों चोरी की कारों के साथ उन्हें दबोच लिया।

पूछताछ में खुला चोरी का रास्ता
पुलिस के अनुसार फैजल और अंकुर ने पूछताछ में बताया कि 2/3 सितंबर की रात जहानाबाद पुलिस चौकी से आगे लखनऊ रोड पर मस्जिद के सामने खड़ी क्रेटा चोरी की थी। पुलिस से बचने के लिए उसकी नंबर प्लेट हटा दी गई और उसी वाहन से लखनऊ पहुंचे। इसके बाद पीजीआई के पास सड़क किनारे खड़ी आई-20 भी चोरी कर ली।
दोनों वाहनों को बेचने के लिए आरोपी रायबरेली पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक राजस्थान निवासी प्रेमाराम कार खरीदने के लिए उनके साथ आया था। क्रेटा का सौदा हो चुका था, जबकि आई-20 की बिक्री की बातचीत चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
गिरोह रात में सुनसान और कम रोशनी वाले स्थानों पर खड़े चार पहिया वाहनों को निशाना बनाता था। वाहन की इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली में छेड़छाड़ कर ईसीएम/ओबीडी से जुड़े उपकरणों की मदद से लॉक और इग्निशन सिस्टम को प्रभावित कर गाड़ी स्टार्ट कर ली जाती थी। चोरी के बाद कम टोल और कम पुलिस निगरानी वाले रास्तों से वाहन दूसरे राज्यों में पहुंचाए जाते थे। नंबर प्लेट और पहचान बदलकर अथवा फर्जी दस्तावेजों के सहारे उन्हें बेचने की तैयारी होती थी।
पुलिस ने दोनों कारों को बरामद कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ रायबरेली और लखनऊ में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार फैजल के खिलाफ विभिन्न जिलों में चोरी, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।










