आजकल फिट रहने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। जिम जाने वाले युवा हों या वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग, बहुत से लोग जल्दी रिजल्ट पाने के लिए फिटनेस सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। प्रोटीन पाउडर, प्री-वर्कआउट ड्रिंक, फैट बर्नर और मसल गेनर जैसे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल अब आम हो गया है। लेकिन बिना सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन करना शरीर, खासकर लिवर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लीमेंट्स खुद हमेशा खतरनाक नहीं होते, लेकिन इन्हें लेने का गलत तरीका, जरूरत से ज्यादा मात्रा और नकली प्रोडक्ट्स शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई मामलों में लोगों को लिवर डैमेज, पेट की समस्या और हार्मोन असंतुलन जैसी परेशानियां भी हुई हैं।

जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेना पड़ सकता है भारी
बहुत से लोग सोचते हैं कि ज्यादा प्रोटीन या ज्यादा सप्लीमेंट लेने से शरीर जल्दी बनेगा। यही सबसे बड़ी गलती है। शरीर की जरूरत से ज्यादा प्रोटीन या अन्य तत्व लेने पर लिवर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
लिवर शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करता है। जब जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट शरीर में जाते हैं, तो लिवर को उन्हें प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर लिवर कमजोर हो सकता है।
बिना डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह के सेवन करना खतरनाक
आज सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फिटनेस से जुड़े हजारों वीडियो मौजूद हैं। कई लोग इन्हें देखकर खुद ही सप्लीमेंट खरीद लेते हैं। लेकिन हर व्यक्ति की बॉडी अलग होती है। किसी को कौन-सा सप्लीमेंट चाहिए, कितनी मात्रा में चाहिए और कितने समय तक लेना चाहिए, यह तय करना जरूरी होता है।
अगर किसी व्यक्ति को पहले से लिवर, किडनी, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो गलत सप्लीमेंट उसकी हालत और बिगाड़ सकता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।
नकली और सस्ते सप्लीमेंट्स से बढ़ रहा खतरा
मार्केट में कई नकली और घटिया क्वालिटी के सप्लीमेंट्स भी बिक रहे हैं। इनमें हानिकारक केमिकल, स्टेरॉयड या भारी धातुएं मिलाई जा सकती हैं। ऐसे प्रोडक्ट्स शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं।
कई बार लोग ऑनलाइन या बिना भरोसे वाली दुकानों से सस्ते सप्लीमेंट खरीद लेते हैं। शुरुआत में फर्क नजर नहीं आता, लेकिन कुछ महीनों बाद शरीर पर इसके साइड इफेक्ट दिखाई देने लगते हैं। इसलिए हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद ब्रांड का ही प्रोडक्ट खरीदना चाहिए।
पानी कम पीना भी बन सकता है समस्या
सप्लीमेंट लेने वाले कई लोग पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पीते। खासकर हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों के लिए ज्यादा पानी पीना बेहद जरूरी होता है। पानी की कमी से शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और लिवर-किडनी पर असर पड़ता है।
डॉक्टरों के अनुसार, जिम करने वाले और सप्लीमेंट लेने वाले लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए ताकि शरीर सही तरीके से काम कर सके।
स्टेरॉयड वाले सप्लीमेंट्स सबसे ज्यादा खतरनाक
कुछ लोग जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में स्टेरॉयड वाले सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। ये शुरुआत में तेजी से मसल्स बढ़ाते हैं, लेकिन लंबे समय में गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
स्टेरॉयड से लिवर डैमेज, हार्मोन गड़बड़ी, बाल झड़ना, मुंहासे, दिल की बीमारी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई देशों में बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड का इस्तेमाल गैरकानूनी भी माना जाता है।
इन संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
अगर सप्लीमेंट लेने के बाद शरीर में कुछ असामान्य बदलाव दिखें, तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। जैसे—
- लगातार थकान महसूस होना
- पेट दर्द या सूजन
- उल्टी या मतली
- आंखों या त्वचा का पीला पड़ना
- भूख कम लगना
- पेशाब का रंग गहरा होना
ये लिवर खराब होने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
प्राकृतिक डाइट सबसे सुरक्षित विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संतुलित और पौष्टिक आहार लिया जाए तो ज्यादातर लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत ही नहीं पड़ती। दूध, दही, पनीर, अंडे, दालें, सोया, ड्राई फ्रूट्स और हरी सब्जियां शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करती हैं।
अगर फिर भी सप्लीमेंट लेना जरूरी हो, तो सही मात्रा और सही समय का ध्यान रखना चाहिए। केवल विज्ञापन देखकर या दूसरों की सलाह पर कोई भी प्रोडक्ट शुरू नहीं करना चाहिए।
फिटनेस के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी
फिट रहना अच्छी बात है, लेकिन जल्दबाजी में गलत फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है। फिटनेस सप्लीमेंट्स तभी फायदेमंद होते हैं जब उन्हें सही तरीके और सही सलाह के साथ लिया जाए। शरीर को मजबूत बनाने के चक्कर में लिवर और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाना समझदारी नहीं है।










