LJP Jharkhand: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने झारखंड में संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम बदलाव किया है। चतरा के विधायक जनार्दन पासवान को पार्टी का नया झारखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, झारखंड में पार्टी की कमान संभाल चुके वीरेंद्र प्रधान को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नियुक्तियों की जानकारी सामने आने के बाद गोमिया समेत झारखंड के पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
संगठन में अनुभव को मिली नई भूमिका

पार्टी के इस फैसले को संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वीरेंद्र प्रधान लंबे समय तक झारखंड में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान संगठन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की गई। अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके अनुभव और राजनीतिक समझ का इस्तेमाल पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती है।
जनार्दन पासवान के सामने नई चुनौती
चतरा विधायक जनार्दन पासवान के कंधों पर अब झारखंड में पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। विधायक के तौर पर क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ वह पार्टी की गतिविधियों में भी लगातार भाग लेते रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके सामने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने, संगठन का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने की चुनौती होगी।
पंकज पांडेय ने जताई खुशी
लोजपा के गोमिया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पंकज पांडेय ने दोनों नेताओं को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जनार्दन पासवान और वीरेंद्र प्रधान की क्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। उनके मुताबिक, यह फैसला पार्टी के लिए आगे चलकर काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
वीरेंद्र प्रधान के अनुभव का मिलेगा लाभ
पंकज पांडेय ने वीरेंद्र प्रधान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड में संगठन को खड़ा करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए लगातार काम किया है। अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर उनके सामने प्रदेश से बाहर पार्टी की गतिविधियों को मजबूती देने का अवसर होगा। उनके अनुभव से राष्ट्रीय संगठन को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
जनार्दन पासवान से संगठन विस्तार की उम्मीद
पंकज पांडेय ने जनार्दन पासवान को लेकर कहा कि वह लंबे समय से पार्टी और जनता के बीच सक्रिय रहे हैं। उनकी सक्रियता का लाभ अब प्रदेश संगठन को मिल सकता है। उनके नेतृत्व में लोजपा (रामविलास) झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश करेगी।
कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर जोर
झारखंड में पार्टी के सामने आने वाले समय में संगठन विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की भी चुनौती रहेगी। ऐसे में नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रह सकता है।
फैसले से बढ़ी राजनीतिक हलचल
लोजपा के भीतर हुए इस संगठनात्मक बदलाव को झारखंड की राजनीति में भी महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर अनुभवी नेता को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी ओर सक्रिय विधायक को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जनार्दन पासवान के नेतृत्व में पार्टी किस तरह अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाती है, इस पर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।










