रायबरेली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के अधिकारियों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने PNB के तीन अधिकारियों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर बैंकिंग विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित देवनाथ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बैंक अधिकारियों ने उनकी जानकारी के बिना फर्जी तरीके से लोन खाता खोल दिया। आरोप है कि इस दौरान जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और बाद में उनकी ग्रेज्युटी की रकम भी उसी लोन खाते में समायोजित कर दी गई।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आज दिनांक 10 में 2026 दिन रविवार को समय करीब 11:00 बजे पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख रक्तिमावा दान, सीनियर मैनेजर अल्पना त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र प्रकाश वर्मा और प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2022 में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उनकी ग्रेज्युटी राशि को कथित रूप से लोन खाते में डाल दिया गया, जबकि उन्हें इस खाते की कोई जानकारी नहीं थी। देवनाथ का दावा है कि बैंक अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरा खेल किया।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना ग्राहक की सहमति और जानकारी के लोन खाता कैसे खुल गया। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह बैंकिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सदर कोतवाली पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










