Raebareli: रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र में जमीन और बाउंड्रीवाल को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पूरे गोपाल मजरे मनेहरू निवासी अमरेश बाजपेयी ने जिलाधिकारी रायबरेली को शिकायती पत्र सौंपकर विपक्षी पक्ष के साथ कुछ राजस्व और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और आदेश की जानकारी दिए ट्रैक्टर के जरिए उनकी बाउंड्रीवाल का कुछ हिस्सा गिरा दिया गया। विरोध करने पर उनके और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार तथा धक्का-मुक्की की गई। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुराने विवाद के बीच बाउंड्रीवाल तोड़ने का आरोप

शिकायती पत्र के मुताबिक, अमरेश बाजपेयी पुत्र कमल किशोर बाजपेयी का विनय बाजपेयी व अन्य लोगों के साथ जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में इस संबंध में पूर्व में मुकदमे दर्ज होने का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि विवाद के बावजूद मामले का स्थायी समाधान नहीं हो सका और 14 अक्टूबर 2026 को घटनाक्रम ने फिर तूल पकड़ लिया।
अमरेश बाजपेयी का आरोप है कि 14 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे विनय बाजपेयी, विनीत बाजपेयी और रमाकांत बाजपेयी समेत अन्य लोग कथित तौर पर ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उनकी बाउंड्रीवाल को तोड़ने का प्रयास किया गया। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई और उन्होंने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विपक्षी पक्ष के लोग गाली-गलौज करने लगे और मारपीट पर आमादा हो गए।
राजस्व और पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
मामले में शिकायतकर्ता ने केवल विपक्षी पक्ष ही नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद कुछ राजस्व और पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अमरेश बाजपेयी का आरोप है कि घटनास्थल पर उनके और उनके परिजनों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया तथा धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी पूर्व सूचना या आदेश की जानकारी दिए ट्रैक्टर के माध्यम से उनकी बाउंड्रीवाल का कुछ हिस्सा गिरा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।
दो लाख रुपये के नुकसान का दावा, कार्रवाई की मांग
अमरेश बाजपेयी ने बाउंड्रीवाल गिराए जाने से करीब दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया है। उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी रायबरेली को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। पीड़ित ने मांग की है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
जमीन और बाउंड्रीवाल से जुड़े इस विवाद में विपक्षी पक्ष के साथ राजस्व और पुलिसकर्मियों पर भी आरोप लगाए जाने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच अहम हो गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का बयान भी अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में अब प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










