Raisen Jail Firing: दिग्विजय सिंह को जेल गेट पर मारी गोली, जेल अधीक्षक निलंबित

रायसेन जिला जेल में फरारी की कोशिश के दौरान वारदात, विचाराधीन कैदी ने ड्यूटी पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर किया फायर; गंभीर हालत में एम्स भोपाल रेफर

Raisen Jail Firing: मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन कैदी ने जेल के मुख्य गेट के पास ड्यूटी कर रहे प्रहरी पर देशी कट्टे से गोली चला दी। फायरिंग में जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जेल परिसर में हड़कंप मच गया और घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।

फल की टोकरी लेकर गेट तक पहुंचा कैदी

बताया जा रहा है कि जेल परिसर में स्कूली बच्चों के लिए एक कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसी कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी ले जाने के बहाने विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर मुख्य गेट के आसपास पहुंचा। आरोप है कि उसकी योजना जेल से बाहर निकलने की थी। इसी दौरान उसने प्रहरी पर गोली चला दी।

फायरिंग के बाद जेल प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कैदी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।

गोली फेफड़े तक पहुंची, हालत गंभीर

गोली लगने के बाद दिग्विजय सिंह तोमर की हालत चिंताजनक बताई गई। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. अभिषेक सागर के मुताबिक गोली शरीर में फेफड़े के निचले हिस्से तक पहुंची है। चोट के कारण फेफड़ों में पानी भरने की स्थिति बन रही थी।

डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए घायल प्रहरी को एम्स भोपाल रेफर कर दिया। परिजन और जेल विभाग के अधिकारी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

गंभीर अपराध में बंद है नीलेश ठाकुर

पुलिस के मुताबिक आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर रायसेन क्षेत्र के दिमाड़ा गांव का रहने वाला है और उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। उसे जानलेवा हमले समेत गंभीर धाराओं के मामले में जेल में रखा गया था। उसके पास जेल के अंदर हथियार पहुंचना अब जांच का सबसे अहम बिंदु बन गया है।

जेल जैसी सुरक्षित जगह में देशी कट्टा पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

जेल के अंदर कट्टा पहुंचा कैसे, जांच शुरू

घटना के बाद पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि आरोपी तक हथियार कैसे पहुंचा। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि जेल में गोली चलने की घटना की जांच की जा रही है। पुलिस हथियार के स्रोत और घटना से पहले आरोपी की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

जांच में जेल के सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा व्यवस्था और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की भूमिका समेत तमाम पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

जेल की दीवार के बाहर से हथियार फेंके जाने की आशंका

प्रारंभिक जांच में एक अहम संभावना यह भी सामने आई है कि जिस कट्टे से गोली चलाई गई, उसे जेल की बाहरी दीवार से अंदर फेंका गया हो सकता है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हथियार जेल तक पहुंचने की कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी को हथियार किसने उपलब्ध कराया और क्या उसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।

कार्यवाहक जेल अधीक्षक आर.के. चौरे निलंबित

घटना के बाद जेल प्रशासन पर भी कार्रवाई की गई है। कार्यवाहक जेल अधीक्षक आर.के. चौरे को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दल को रायसेन भेजा गया है। जेल आईजी स्तर के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि जेल की सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और आरोपी तक हथियार पहुंचने में किसकी भूमिका रही।

जांच में इन बिंदुओं पर रहेगी नजर

  • जेल के अंदर देशी कट्टा पहुंचने का रास्ता क्या था?
  • क्या आरोपी को बाहर से किसी व्यक्ति ने हथियार उपलब्ध कराया?

सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा घटनाक्रम का राज

पुलिस और जेल प्रशासन अब सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाल रहा है। इसके अलावा घटना के समय जेल परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ गोलीकांड के पीछे की पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाई सिक्योरिटी वाले जिला जेल परिसर में एक गंभीर अपराध के आरोपी तक हथियार आखिर पहुंचा कैसे।

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