ITI Gola: रामगढ़ जिले के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। जिला प्रशासन, पीवीयूएनएल पतरातू और झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम आईटीआई गोला के संयुक्त प्रयास से आईटीआई गोला परिसर में ‘हुनर प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ किया गया। योजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उद्योगों में काम आने वाली आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
सांसद और अधिकारियों ने किया प्रोजेक्ट का उद्घाटन

हुनर प्रोजेक्ट की शुरुआत हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज और पीवीयूएनएल पतरातू के महाप्रबंधक आर.के. निरंजन ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सिर्फ डिग्री या प्रमाणपत्र ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के हाथ में ऐसा कौशल होना जरूरी है, जिसकी उद्योगों में वास्तविक मांग हो।
तीन महीने तक मिलेगा मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण
इस परियोजना के तहत चयनित युवाओं को MIG/MAG/GMAW वेल्डिंग की तकनीक का तीन महीने का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में युवाओं को वेल्डिंग की आधुनिक तकनीकों के साथ मशीनों के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। आवासीय व्यवस्था होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान रहने की परेशानी नहीं होगी।
प्रशिक्षण के साथ छात्रवृत्ति का भी प्रावधान
हुनर प्रोजेक्ट में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देने की भी व्यवस्था की गई है। चयनित प्रशिक्षुओं को हर महीने 1,500 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे प्रशिक्षण अवधि में युवाओं को अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
CSR के तहत पीवीयूएनएल ने दिए 60 लाख रुपये
योजना को धरातल पर उतारने के लिए पीवीयूएनएल पतरातू की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत 60 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का इस्तेमाल युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और परियोजना को प्रभावी तरीके से संचालित करने में किया जाएगा।
उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार होंगे युवा
सांसद मनीष जायसवाल ने हुनर प्रोजेक्ट को युवाओं के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने से युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
पलायन कम करने में मददगार बनेगा हुनर प्रोजेक्ट
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि रामगढ़ के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के योग्य बनाया जाए। आधुनिक वेल्डिंग तकनीक का प्रशिक्षण युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र की मांग के अनुरूप तैयार करेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के विकल्प बढ़ने से दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाने वाले युवाओं की संख्या कम हो सकती है।
उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और प्रशिक्षुओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। प्रशासन का मानना है कि कौशल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनने से युवाओं की आय बढ़ेगी और इसका सकारात्मक असर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
आधुनिक मशीनों से होगा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण
पीवीयूएनएल पतरातू के महाप्रबंधक आर.के. निरंजन ने कहा कि कंपनी CSR के माध्यम से स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है। हुनर प्रोजेक्ट में युवाओं को आधुनिक मशीनों पर वेल्डिंग का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार हासिल करने में भी युवाओं को प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते
हुनर प्रोजेक्ट की शुरुआत से रामगढ़ और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और प्लेसमेंट सहायता को एक साथ जोड़कर तैयार की गई यह पहल युवाओं को कौशल से रोजगार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।










