Indira Gandhi Death Anniversary: आयरन लेडी इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि आज, 31 अक्टूबर 1984 को अंगरक्षकों ने बरसाई थीं गोलियां

Indira Gandhi Death Anniversary: देश की राजनीति के इतिहास में 31 अक्टूबर की तारीख एक ऐसी घटना की याद दिलाती है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह दिन देश की पूर्व प्रधानमंत्री और आयरन लेडी के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में याद किया जाता है। 31 अक्टूबर 1984 को उनके ही दो सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उनके निधन से देश ने एक ऐसी राजनीतिक हस्ती को खो दिया था, जिसने भारतीय राजनीति को दशकों तक नई दिशा दी।

आनंद भवन में हुआ था जन्म, बचपन का नाम था ‘इंदु’

इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद स्थित ऐतिहासिक आनंद भवन में हुआ था। उनका पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी था। वे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू की इकलौती संतान थीं। उनके दादा पंडित मोतीलाल नेहरू देश के प्रतिष्ठित वकील और स्वतंत्रता सेनानी थे।

इंदिरा गांधी का बचपन ऐसे परिवार में बीता, जहां देश की आजादी की लड़ाई और राजनीतिक गतिविधियों का माहौल हमेशा बना रहता था। उनके दादा ने उनका नाम इंदिरा रखा था, जबकि पिता जवाहरलाल नेहरू उन्हें प्यार से ‘प्रियदर्शिनी’ कहकर बुलाते थे। घर में उनका नाम ‘इंदु’ भी था।

1966 में पहली बार संभाली थी प्रधानमंत्री की कुर्सी

इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए। बैंकों का राष्ट्रीयकरण, 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश का निर्माण उनके राजनीतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं। इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। इसके बाद 1980 में एक बार फिर सत्ता में वापसी की। उनके सख्त फैसलों और मजबूत नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाने लगा।

ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद हुई थी हत्या

जून 1984 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को निकालने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद देश में तनाव का माहौल था।

इसी बीच 31 अक्टूबर 1984 की सुबह नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में इंदिरा गांधी अपने आवास से बाहर निकल रही थीं। तभी उनके दो सुरक्षा कर्मियों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल इंदिरा गांधी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा योगदान

इंदिरा गांधी का राजनीतिक जीवन उपलब्धियों, साहसिक फैसलों और विवादों से भरा रहा। उनके कार्यकाल में देश ने कई ऐतिहासिक बदलाव देखे। वहीं, आपातकाल जैसे फैसले को लेकर उनकी आलोचना भी हुई। 31 अक्टूबर 1984 को उनका निधन भारतीय राजनीति के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बन गया। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद कर रहा है और भारतीय राजनीति में उनके योगदान को नमन कर रहा है।

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