Leopard Attack: कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुए की सक्रियता ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। निशानगाड़ा रेंज के मुखिया फार्म रमपुरवा गांव में बुधवार रात घर के आंगन में सो रही एक वृद्ध महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरत रहे हैं।
मच्छरदानी लगी चारपाई पर सो रही थी जयवंती

जानकारी के मुताबिक, रमपुरवा निवासी जयवंती पत्नी अकलू रोज की तरह रात में अपने घर के आंगन में चारपाई पर सो रही थीं। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए चारपाई के चारों ओर मच्छरदानी लगा रखी थी। रात करीब 11 बजे आसपास का माहौल शांत था। इसी दौरान एक तेंदुआ दबे पांव आंगन में दाखिल हुआ और सो रही वृद्धा पर झपट पड़ा।
सिर पर पंजों से किए कई वार, लहूलुहान हुई वृद्धा
हमले के दौरान तेंदुए ने जयवंती के सिर पर पंजों से कई वार किए। अचानक हुए हमले से वृद्धा की चीख निकल गई। सिर में चोट लगने से वह बुरी तरह घायल हो गईं और खून बहने लगा। उनकी चीख सुनकर परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी जुट गए।
ग्रामीणों के शोर से जंगल की ओर भागा तेंदुआ
घटना के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाना शुरू किया। लोगों की भीड़ और शोरगुल बढ़ने पर तेंदुआ वृद्धा को छोड़कर जंगल की दिशा में भाग निकला। मौके पर मौजूद गजमित्र अशोक बड़ेलाल ने भी ग्रामीणों के साथ मिलकर तेंदुए को भगाने में मदद की। इसके बाद घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी शुरू की गई।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाई गईं जयवंती
सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस से घायल जयवंती को उपचार के लिए सुजौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक महिला के सिर में तेंदुए के पंजों से कई चोटें आई हैं।
एक सप्ताह में तेंदुए के हमलों से बढ़ी चिंता
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में लगातार सामने आ रही तेंदुए की घटनाओं ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान तेंदुए के हमले में एक बच्चे की जान जा चुकी है, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। अब वृद्ध महिला पर हुए हमले ने ग्रामीणों में भय और बढ़ा दिया है।
रात में घर के बाहर सोने से कतरा रहे ग्रामीण
तेंदुए के लगातार हमलों के बाद ग्रामीण अब रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। आंगन या घर के बाहर सोने वाले परिवारों में सबसे अधिक डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में तेंदुए की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
तेंदुए के इस हमले के बाद ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में गश्त बढ़ाए और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए, जिससे आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों के पहुंचने की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।










