Raebareli: रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के अहिया रायपुर में शुक्रवार सुबह घर में अवैध रूप से भंडारित पटाखों में जोरदार विस्फोट होने से इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों तक उसकी आवाज सुनाई दी। विस्फोट के प्रभाव से पास स्थित मस्जिद की दीवार में दरार आ गई और खिड़कियों के शीशे टूट गए। आसपास के अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, आज दिनांक 16 अक्टूबर 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब 2:00 बजे पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचे और जांच किया अहिया रायपुर में एक घर में पटाखों का भंडारण किया गया था। शुक्रवार सुबह अचानक पटाखों में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पास की मस्जिद की दीवार में दरार आ गई और खिड़कियों के शीशे टूट गए। आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के बीच विस्फोट को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। घर में पटाखों के भंडारण और उससे उत्पन्न खतरे को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पटाखों के भंडारण की प्रकृति, मात्रा और विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच की। पुलिस की ओर से विस्फोट के कारणों तथा पटाखों के भंडारण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
वहीं, इस घटना के बाद त्रिपुला चौकी पुलिस की सक्रियता और कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि घर में बड़ी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था, तो इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को पहले क्यों नहीं हो सकी, यह जांच का विषय है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की लापरवाही या किसी जिम्मेदार की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल, घटना में जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन विस्फोट से मस्जिद और आसपास के मकानों को हुए नुकसान ने रिहायशी इलाकों में पटाखों के भंडारण से पैदा होने वाले खतरे को उजागर कर दिया है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पटाखे किसके थे, उनका भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।










